शिक्षक की असली कमाई : 2 दशक की तपस्या और आंसुओं का सैलाब, मोरकुटुंब ने अपने 'जनक' और 'निर्मला' को दी भव्य विदाई

 ​"शिक्षक की असली कमाई उसकी विदाई में झलकती है..."

​यह कहावत उस वक्त सच साबित हो गई जब पीएम श्री स्कूल मोरकुटुंब के प्रांगण में आंसुओं और सम्मान का एक ऐसा ज्वार उमड़ा, जिसने हर देखने वाले की रूह को छू लिया। मौका था वनांचल क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने वाले और स्कूल को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाने वाले शिक्षक श्री जनक साहू और शिक्षिका श्रीमती निर्मला साहू की विदाई का।





​गुमनाम स्कूल को दिलाया 'पीएम श्री' का गौरव

​लगभग दो दशक (20 साल) पहले जब जनक साहू और निर्मला साहू ने मोरकुटुंब स्कूल में कदम रखा था, तो यह एक साधारण सा विद्यालय था। लेकिन इन दोनों कर्मयोगियों ने इसे सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि अपनी साधना माना।

​एक शिक्षक की ड्यूटी अमूमन घड़ी की सुई देखकर शुरू और खत्म होती है, लेकिन श्री साहू सर के लिए स्कूल ही उनका घर और छात्र ही उनका परिवार बन गए। दिन हो या रात, उन्होंने स्कूल के कायाकल्प के लिए अपना सर्वस्व झोंक दिया। उनके लगातार नवाचार और अथक परिश्रम का ही परिणाम है कि आज वनांचल का यह स्कूल 'पीएम श्री' (PM SHRI) स्कूल के रूप में गौरव प्राप्त कर चुका है। यह उपलब्धि अपने आप में उनकी तपस्या का प्रमाण पत्र है।

विदाई नहीं, यह दिलों का बिछड़ना था

​विदाई समारोह में जो दृश्य सामने आया, वह गुरु और शिष्य के बीच के उस पवित्र प्रेम को बयां कर रहा था, जो आजकल कम ही देखने को मिलता है। जैसे ही विदाई की बेला आई, न केवल स्कूली बच्चों के सब्र का बांध टूटा, बल्कि गांव के बुजुर्गों और युवाओं की आंखें भी भर आईं।

ग्रामीणों का कहना था कि, "उन्होंने हमारे बच्चों को सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं दिया, बल्कि जीवन जीने का तरीका सिखाया है।" जब जनक सर और निर्मला मैडम स्कूल से निकल रहे थे, तो ऐसा लग रहा था मानो किसी परिवार का मुखिया उन्हें छोड़कर जा रहा हो। आंसुओं से भीगी छात्रों की आंखें बता रही थीं कि उन्होंने एक शिक्षक नहीं, बल्कि एक अभिभावक को विदा किया है।

पूरे क्षेत्र में फैलाई शिक्षा की रोशनी :-

​श्री जनक साहू और श्रीमती निर्मला साहू का प्रभाव केवल मोरकुटुंब स्कूल की चारदीवारी तक सीमित नहीं था। उन्होंने आस-पास के स्कूलों के वातावरण को सुंदर बनाने के लिए अन्य शिक्षकों को भी लगातार प्रेरित किया। उनकी कार्यशैली से प्रभावित होकर क्षेत्र के कई अन्य स्कूलों में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं।

Keywords : PM Shri School Morkutumb, Teacher Farewell News, Janak Sahu Teacher, Nirmala Sahu Teacher, Emotional Farewell, Chhuriya Times, CG Education News, School Innovation, Guru Shishya Bond.

Previous Post Next Post
MD SOLAR - PERFECT POWER SOLUTION
Shri Balaji Studio
Advertisements
📢 हमर WhatsApp चैनल मा जुड़ाव अऊ छत्तीसगढ़ के रोमांचक खबर सबले पहली पावव!
👉 अभी Follow करव (Follow Now)

Contact Form