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​Mahtari Vandan Yojana में ₹15,595 Cr खर्च! जानिए इस रकम में कितने Tejas और S-400 खरीद सकता था भारत?

Chhattisgarh : क्या देश का विकास मुफ्त की रेवड़ियों (Freebies) से होगा या सीमाओं की सुरक्षा से? यह सवाल आज हर करदाता (Taxpayer) के मन में उठ रहा है। हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'महतारी वंदन योजना' की 24 वीं किस्त जारी की। आंकड़े बताते हैं कि अब तक इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं के खातों में कुल ₹15,595 करोड़ की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। 


         महिला सशक्तीकरण निस्संदेह आवश्यक है, लेकिन जब हम इस विशाल राशि की तुलना देश की रक्षा जरूरतों और बुनियादी ढांचे के विकास से करते हैं, तो तस्वीर कुछ और ही बयां करती है। "छुरिया टाइम्स के इस विशेष विश्लेषण में, हम जानेंगे कि आपके टैक्स के पैसों का सही उपयोग क्या हो सकता था।"

₹​15,595 करोड़ रुपए : एक नजर में

​छत्तीसगढ़ सरकार के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, महतारी वंदन योजना के तहत अब तक ₹15,595 करोड़ खर्च किये जा चुके हैं। यह राशि इतनी बड़ी है कि इससे एक छोटा राज्य अपना सालाना बजट चला सकता है। लेकिन अगर यही पैसा देश की 'तलवार' यानी रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने में लगता, तो भारत की ताकत क्या होती? आइये आंकड़ों से समझते हैं।

तुलना 1. आसमान का बाहुबली 'राफेल-M' (Rafale-M) :-

अप्रैल 2025 के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने 26 राफेल-M (Marine) जेट्स के लिए डील की, जिसकी प्रति जेट औसत 'पैकेज कीमत' लगभग ₹2,423 करोड़ है। इसमें हथियार, मिसाइल और ट्रेनिंग सब शामिल है।

  1. तर्क : अगर महतारी वंदन में खर्च हुए ₹15,595 करोड़ का उपयोग वायुसेना या नौसेना के लिए किया जाता, तो भारत लगभग 6 से 7 राफेल-M लड़ाकू विमान खरीद सकता था।
  2. प्रभाव : 7 राफेल जेट्स का मतलब है पाकिस्तान या चीन सीमा पर दुश्मनों के पसीने छुड़ाने के लिए एक पूरी नई स्क्वाड्रन की आधी ताकत। क्या सुरक्षा ज्यादा जरुरी नहीं?

देखें कैसे दिखता हैं Rafale-M :-




विवरण (Details)लागत / राशि
महतारी वंदन कुल खर्च₹15,595 करोड़
एक Rafale-M (पैकेज) की कीमत₹2,423 करोड़
नतीजा (Result)6 से 7 राफेल जेट्स
(देश की सुरक्षा में बड़ा योगदान)

तुलना 2. अभेद्य सुरक्षा कवच 'S-400' :-

रूस से खरीदे गए S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को दुनिया का सबसे बेहतरीन रक्षा कवच माना जाता है। भारत के लिए एक सिस्टम की पैकेज डील लगभग ₹7,000 से ₹8,000 करोड़ की पड़ती है।

  • तर्क : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बांटी गई राशि से देश को 2 पूर्ण S-400 सिस्टम मिल सकते थे।
  • वैकल्पिक : यदि केवल मिसाइलों की बात करें, तो इसी राशि से 2.5 करोड़ रुपये वाली 6,000 से ज्यादा मिसाइलें या 8 करोड़ रुपये वाली 1,900 हाई-टेक इंटरसेप्टर मिसाइलें खरीदी जा सकती थीं।
  • ​प्रभाव : ये दो सिस्टम पूरे मध्य भारत या किसी बड़े बॉर्डर इलाके को हवाई हमलों से पूरी तरह सुरक्षित कर सकते थे।

देखें S-400 सिस्टम कैसे दिखता है :- 




रक्षा उपकरण (Defense Asset)संभावना (Possibility)
कुल उपलब्ध राशि₹15,595 करोड़(महतारी वंदन)
S-400 वायु रक्षा सिस्टम2 पूर्ण सिस्टमखरीदे जा सकते थे
मिसाइल्स (₹2.5 Cr वाली)6,238 मिसाइल्सका जखीरा
"दो S-400 सिस्टम पूरे मध्य भारत को हवाई हमलों से सुरक्षित कर सकते हैं।"

तुलना 3. मेक इन इंडिया की शान 'Tejas Mk-1A' :-

स्वदेशी फाइटर जेट Tejas Mk-1A की नवीनतम पैकेज कीमत लगभग ₹650 करोड़ है। यह विमान अब उत्तम रडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सुइट से लैस है।
  • तर्क : महतारी वंदन के ₹15,595 करोड़ में भारत अपनी वायुसेना के लिए 24 से 25 Tejas Mk-1A फाइटर जेट्स खरीद सकता था।
  • प्रभाव : 25 विमानों का मतलब है 'डेढ़ स्क्वाड्रन'। यह न केवल सुरक्षा बढ़ाता बल्कि एचएएल (HAL) जैसी भारतीय कंपनियों को रोजगार और तकनीक में भी आगे ले जाता।

ऐसा है हमारा TEJAS, SU-30 MKI :-




Tejas Mk-1A डील विश्लेषणआंकड़े
प्रति विमान लागत (पैकेज)₹650 करोड़ (लगभग)
छत्तीसगढ़ सरकार का खर्च₹15,595 करोड़
क्या मिल सकता था?24 से 25 फाइटर जेट्स
(इससे वायुसेना की 1.5 स्क्वाड्रन तैयार हो जाती)


डेटा विश्लेषण (Data Analysis) : मुफ्त की रेवड़ी (Freebies) Vs राष्ट्र रक्षा (Nation's Security) :-

नीचे दी गई आंकड़ों को ध्यान से देखें और स्वयं निर्णय लें :-

मद (Item)अनुमानित लागत (प्रति यूनिट/प्रोजेक्ट)महतारी वंदन के ₹15,595 करोड़ में क्या आ सकता था?
Rafale-M (राफेल)₹2,423 करोड़6 से 7 फाइटर जेट्स(दुश्मन के लिए काल)
S-400 सिस्टम₹7,500 करोड़ (औसत)2 पूर्ण एयर डिफेंस सिस्टम(अभेद्य सुरक्षा)
HAL Tejas Mk-1A₹620 - ₹650 करोड़24 - 25 स्वदेशी जेट्स(आत्मनिर्भरता)
Tejas Mk-2 (R&D)₹10,000 करोड़ (प्रोटोटाइप बजट)पूरा प्रोजेक्ट फंड होने के बाद भी ₹5,000 करोड़ बच जाते।


यदि आंकड़ों का ग्राफिय विश्लेषण देखें तो वह इस प्रकार है :-

खर्च Vs निवेश : तुलनात्मक ग्राफ

महतारी वंदन (अबतक का खर्च)₹15,595 Cr
Highest
Tejas Mk-2 R&D ( भविष्य )₹10,000 Cr
S-400 सिस्टम ( राष्ट्र सुरक्षा )₹7,500 Cr

( ग्राफ दर्शाता है कि राज्य का नकद वितरण खर्च, देश के बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स से भी ज्यादा है )


विजन का अंतर : केंद्र सरकार Vs राज्य सरकार (दीर्घकालिक Vs अल्पकालिक) :- 

​यहाँ एक बड़ा वैचारिक अंतर (Ideological Difference) देखने को मिलता है :-
  1. भविष्य का भारत (Tejas Mk-2) : केंद्र सरकार ने भविष्य के सबसे उन्नत विमान Tejas Mark 2 के विकास और प्रोटोटाइप के लिए ₹10,000 करोड़ स्वीकृत किए हैं। यह पैसा रिसर्च, वैज्ञानिकों की मेहनत और भविष्य की तकनीक पर लग रहा है जो अगले 50 सालों तक देश के काम आएगा।
  2. आज का खर्च (महतारी वंदन) : वहीं, राज्य सरकार ने इससे डेढ़ गुना ज्यादा राशि (₹15,595 करोड़) केवल नकद वितरण (Cash Transfer) में खर्च कर दी।

सवाल यह है : क्या ₹1000-1000 रुपये की मासिक धनराशि की सहायता वास्तव में महिला सशक्तीकरण है, या यह कर-दाताओं के पैसे का अनुत्पादक (Unproductive) खर्च या फिज़ूल ख़र्च है? Tejas Mk-2 का बजट देश को तकनीक का निर्यातक बनाएगा, जबकि नकद योजनाओं का पैसा बाजार में उपभोग (Consumption) होकर खत्म हो जाता है।


Disclaimer : इस लेख में प्रस्तुत आंकड़े सार्वजनिक डोमेन और हालिया रक्षा सौदों की खबरों पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि आर्थिक और रक्षात्मक परिप्रेक्ष्य में तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करना है।

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Tags : MahtariVandanYojana, FreebiesVsDevelopment, IndianDefense, RafaleDeal, S400, TejasMk1A, ChhuriyaTimes, TaxpayersMoney

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