खातूटोला बैराज ने छीना परिवार का इकलौता सहारा
राजनांदगांव के ग्राम सेनडोंगर में एक दुखद खातूटोला बैराज हादसा सामने आया है, जहाँ मछली पकड़कर परिवार पालने वाला सोमनाथ ढीमर नहर के गहरे पानी में लापता हो गया है। 9 तारीख की शाम से लापता युवक की तलाश में आज 10 तारीख को चिचोला पुलिस और SDRF की टीम जुटी हुई है। पहले ही एक बेटा खो चुके पिता मनराखन ढीमर पर अब दूसरे बेटे के इस हादसे ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।
विश्लेषण : खातूटोला बैराज हादसा - घर चलाने वाला इकलौता बेटा लापता, तलाश जारी :-
राजनांदगांव (चिचोला)। जिले के चिचोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सेनडोंगर के एक परिवार के लिए खातूटोला बैराज हादसा काल बनकर आया है। घटना 9 तारीख की शाम की है, जब सोमनाथ ढीमर पिता मनराखन ढीमर नहर में उतरे थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।
घटना का विवरण और पिता की खोजबीन :-
सूत्रों के अनुसार, सोमनाथ ढीमर 9 तारीख को शाम करीब 4 बजे नहर में उतरे थे। जब शाम 5 बजे तक वह वापस नहीं आए, तो उनके बुजुर्ग पिता मनराखन उन्हें खोजने के लिए निकले। काफी तलाश के बाद भी जब सोमनाथ का कुछ पता नहीं चला, तो पिता ने गांव वालों को इसकी जानकारी दी। पूरे गांव ने मिलकर रात भर खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
पुलिस प्रशासन और SDRF की कार्रवाई :
इस खातूटोला बैराज हादसा की औपचारिक सूचना आज 10 तारीख की सुबह चिचोला पुलिस थाने में दी गई। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और सुबह 11 बजे SDRF की टीम मौके पर पहुंची। सूत्रों के अनुसार, SDRF के गोताखोर लगातार नहर और बैराज के संभावित क्षेत्रों में लाश की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है।
परिवार का एकमात्र सहारा था सोमनाथ :
यह खातूटोला बैराज हादसा इसलिए भी अधिक दुखद है क्योंकि सोमनाथ ही अपने घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। सूत्रों के अनुसार, मनराखन ढीमर के दो बेटे थे, जिनमें से बड़े बेटे का निधन 2-3 साल पहले ही हो चुका है। अब सोमनाथ ही मछली पकड़ने के व्यवसाय से अपने बुजुर्ग माता-पिता का भरण-पोषण कर रहा था। इस हादसे ने परिवार के सामने जीविकोपार्जन का संकट भी खड़ा कर दिया है।


