महिला सशक्तिकरण से बदलेगी गांव की तस्वीर, स्व-सहायता समूहों के जरिए आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं — किरण रविंद्र वैष्णव

महिला समूहों की ताकत से बदलेगा गांव का भविष्य, कुमर्दा में भव्य वार्षिक आमसभा आयोजित
कुमर्दा की वार्षिक आमसभा में पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने दिया महिला सुरक्षा का संदेश, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव ने की अध्यक्षता
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी समृद्धि आजीविका संकूल संगठन की महिलाएं:- सुश्री अंकिता शर्मा
छुरिया (राजनांदगांव)। ग्राम पंचायत कुमर्दा में समृद्धि आजीविका संकूल संगठन स्तरीय वार्षिक आमसभा का आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई। साथ ही कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत राजनांदगांव अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव ने भी साथ ही इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला भाजपा पूर्व महामंत्री श्री रविन्द्र वैष्णव, भाजपा मंडल कुमर्दा अध्यक्ष श्री हिरदे देवांगन, भाजपा मंडल महामंत्री श्री कोमल सिन्हा, ग्राम पंचायत संरपंच श्री नुनकरण भुआर्य, श्री विजय कोसमा उप संरपंच, श्री कांतिलाल साहू ग्राम पटेल, श्री लक्ष्मीनारायण साहू, श्री किसन साहू, श्री नवीन साहू व श्रीमती टिकेश्वरी साहू अध्यक्ष संकूल संगठन, श्रीमती प्रभा नायक पूर्व अध्यक्ष संकूल संगठन, श्रीमती बिजमा विश्वकर्मा सचिव, श्रीमती लता चंन्द्रवंशी कोषाध्यक्ष,श्रीमती पूनम निषाद पूर्व कोषाध्यक्ष, श्रीमती फनेश्वरी साहू, श्रीमती अनिता साहू, श्रीमती शामकलि रुपेश्वरी,समेत कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याओं, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा उपस्थित रहीं। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की महिलाएं केवल परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं निर्णय लेने की शक्ति का भी विकास करते हैं।
उन्होंने महिलाओं से साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा तथा बालिका संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूक रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज की महिलाएं जागरूक और आत्मनिर्भर होंगी तो पूरा समाज सुरक्षित, सशक्त और विकसित बनेगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन की ओर से महिलाओं को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर बिना संकोच पुलिस से संपर्क करें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। स्व-सहायता समूहों ने हजारों महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक नेतृत्व प्रदान किया है। आज महिलाएं स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांव के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी जी एवं राज्य की विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण, रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन एवं ग्रामीण विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का अधिकतम लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुंचे, इसके लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने महिला समूहों से नियमित बचत, बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने, लघु उद्योग, कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण एवं अन्य आयवर्धक कार्यों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।श्रीमती वैष्णव ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता, पोषण, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता तथा ग्राम विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समृद्धि आजीविका संकूल संगठन आने वाले समय में और अधिक मजबूती के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण महिलाओं के जीवन में समृद्धि और खुशहाली का नया अध्याय लिखेगा।
कार्यक्रम के दौरान संकूल संगठन की वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन, आय-व्यय विवरण, विभिन्न गतिविधियों एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। महिला समूहों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों, सफल आजीविका गतिविधियों एवं नवाचारों की जानकारी साझा की गई, जिससे अन्य समूहों को भी प्रेरणा मिली। उपस्थित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक एवं सामाजिक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन आया है।कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने महिला समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। आयोजन के अंत में सभी अतिथियों, महिला स्व-सहायता समूहों, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भर ग्राम निर्माण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।
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