संस्कारधानी राजनांदगाँव : वैश्विक ऊर्जा संकट और लगातार बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच राजनांदगांव जिला प्रशासन ने राष्ट्रहित में एक बेहद ही सकारात्मक और अनुकरणीय पहल की है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए विशेष आह्वान को पर राजनांदगांव कलेक्टोरेट ने एक नया उदाहरण पेश किया है। आमतौर पर सरकारी कार्यक्रमों में अधिकारियों के काफिले और अलग-अलग गाड़ियों का जमावड़ा देखने को मिलता है, लेकिन गुरुवार को छुरिया विकासखंड के वनांचल ग्राम साल्हे में आयोजित 'सुशासन तिहार' और जनसमस्या निवारण शिविर के लिए नजारा बिल्कुल अलग था। जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी और कर्मचारी अपनी अलग-अलग सरकारी गाड़ियां ले जाने के बजाय कलेक्टोरेट परिसर से एक ही बस में सवार होकर शिविर के लिए रवाना हुए।
यह पूरी तरह से पर्यावरण हितैषी और मितव्ययी पहल राजनांदगांव के कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के विशेष दिशा-निर्देशों पर की गई है। कलेक्टर का स्पष्ट मानना है कि सरकारी संसाधनों, विशेषकर पेट्रोल और डीजल जैसे मूल्यवान ईंधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जब एक ही गंतव्य तक कई अधिकारियों को जाना है, तो अलग-अलग वाहनों का उपयोग करने के बजाय एक सार्वजनिक वाहन (जैसे बस) का उपयोग न केवल सरकारी खजाने का पैसा बचाता है, बल्कि इससे कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आती है। इस अभिनव पहल के माध्यम से प्रशासन ने आम जनता के बीच भी यह संदेश देने का प्रयास किया है कि छोटे-छोटे प्रयासों से ही हम राष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संरक्षण के बड़े लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिले के सभी शासकीय विभागों के साथ-साथ आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में ईंधन संरक्षण के प्रति जागरूक बनें और अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने कहा कि कार-पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और अनावश्यक यात्राओं से बचकर हम राष्ट्र के विकास में सीधे तौर पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। जिला प्रशासन की ओर से की गई यह शुरुआत इस बात का प्रमाण है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो सरकारी तंत्र भी अपनी कार्यप्रणाली में सकारात्मक और पर्यावरण अनुकूल बदलाव ला सकता है। प्रशासन की इस पहल की स्थानीय स्तर पर भी काफी सराहना हो रही है, क्योंकि यह सरकारी सिस्टम में मितव्ययिता को बढ़ावा देती है।
छुरिया ब्लॉक के ग्राम साल्हे के लिए जब अधिकारियों से भरी यह विशेष बस कलेक्टोरेट परिसर से रवाना हुई, तो वहां एक बेहद ही सकारात्मक माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मार्कण्डेय सहित जिले के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी इस बस में सवार होकर शिविर के लिए निकले। सुशासन तिहार के इस जनसमस्या निवारण शिविर में पहुंचने के बाद इन अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनका त्वरित निराकरण किया। एक तरफ प्रशासन आम जनता के द्वार पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है, और दूसरी तरफ अपनी कार्यशैली से पर्यावरण और संसाधनों को बचाने का जो संदेश दिया जा रहा है, वह पूरे प्रदेश के लिए नजीर बन रहा है।
