कबाड़ से जुगाड़ कर बच्चों ने बनाए वाटर कूलर और ATM, पेण्ड्री गांव के शिविर में निखरी बाल प्रतिभाएं : Surya Foundation Chhattisgarh

राजनांदगांव : आदर्श ग्राम पेण्ड्री (सुकुलदैहान) में सूर्या फाउंडेशन की 'आदर्श गांव योजना' के अंतर्गत आयोजित 10 दिवसीय ग्रामीण व्यक्तित्व विकास शिविर (पीडीसी) का बुधवार को भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। गर्मी की छुट्टियों के रचनात्मक सदुपयोग और ग्रामीण बाल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर के समापन समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा ज्ञान की देवी मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर डोंगरगढ़ जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती लता अजय सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि योग सेवा कबीर आश्रम के महंत सेवा दास साहेब, स्कूल शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष गोरख दास साहू, ग्राम पटेल नेतराम साहू, युवा सेवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष दुर्गेश साहू और सूर्या फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख सनत टंडन सहित कई गणमान्य नागरिक विशेष अतिथि के रूप में मंचासीन रहे। आयोजन समिति और विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर और पटका पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया।

Surya Foundation Chhattisgarh

​"आज के बच्चे, कल का भारत" के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए सूर्या फाउंडेशन ने इस दस दिवसीय शिविर में बच्चों के सर्वांगीण विकास—शारीरिक, मानसिक, नैतिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक—पर विशेष जोर दिया। शिविर के दौरान 48 प्रशिक्षणार्थी बच्चों को न केवल किताबी ज्ञान दिया गया, बल्कि उन्हें आदर्श विद्यार्थी और आदर्श गांव की संकल्पना, सुलेख, योगासन, प्राणायाम, स्वास्थ्य के सूत्र, पर्यावरण संरक्षण और जल संचयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। समापन के अवसर पर शिविरार्थी बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। इसके साथ ही बच्चों द्वारा लगाई गई 'कबाड़ से जुगाड़', आर्ट एंड क्राफ्ट, विज्ञान के लघु प्रयोग और मिट्टी के खिलौनों की शानदार प्रदर्शनी ने सभी को अचंभित कर दिया, जिसमें अनुपयोगी वस्तुओं से निर्मित बैटरी चलित कूलर, वाटर कूलर और एटीएम मॉडल जैसी रचनात्मक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं।

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बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मकता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को इस अवसर पर मंच से भव्य रूप से सम्मानित किया गया। 'कबाड़ से जुगाड़' प्रतियोगिता में मितेश ने प्रथम और नीलिमा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि चित्रकला में गरिमा साहू और दिव्यांशी साहू क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर रहीं। आर्ट एंड क्राफ्ट में दीपिका व पुलकित तथा मिट्टी के खिलौने बनाने में शालिनी व यामिनी ने बाजी मारी। शिविर के सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी के रूप में भैया वेद एवं धर्मेश साहू तथा बहन निधि साहू, साधना साहू और झलक को स्मृति चिन्ह व विशेष प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। जनपद अध्यक्ष, सरपंच, पंच और दुर्गेश साहू के विशेष सौजन्य से शिविर में भाग लेने वाले सभी बच्चों को सहभागिता प्रमाण पत्र के साथ-साथ कॉपियां, पेन और कलर पेंसिल भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

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बाल प्रतिभाओं द्वारा तैयार की गई विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का मुआयना करने के बाद अतिथियों ने अपने संबोधन में सूर्या फाउंडेशन के इस भगीरथ प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बच्चों के भीतर असीम प्रतिभाएं छिपी होती हैं, जिन्हें निखारने और सही मंच प्रदान करने के लिए ऐसे शिविर एक मील का पत्थर साबित होते हैं; इनके माध्यम से बच्चों ने अपनी गर्मी की छुट्टियों को व्यर्थ घूमने के बजाय बेहद सार्थक रूप से उपयोग किया है। हिरेन्द्र साहू के कुशल संचालन में संपन्न हुए इस भव्य समापन समारोह में गांव के लगभग 300 बच्चे और सैकड़ों ग्रामीण जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों को सम्मान स्वरूप श्रीकृष्ण की तस्वीर वाली लेमिनेशन और डायरी भेंट की गई, जिसके पश्चात् सभी उपस्थित जनों ने बच्चों के साथ सुर से सुर मिलाते हुए 'हम होंगे कामयाब' गीत गाकर इस प्रेरणादायक दस दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर का सकारात्मक ऊर्जा के साथ समापन किया।

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