मोहारा धान खरीदी केंद्र में 30 लाख का बड़ा घोटाला, प्रभारी और ऑपरेटर पर FIR दर्ज : Rajnandgaon

संस्कारधानी राजनांदगाँव : राजनांदगांव जिले से भ्रष्टाचार का एक बहुत बड़ा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मोहारा की सेवा सहकारी समिति (धान उपार्जन केंद्र) में धान खरीदी के नाम पर लाखों रुपये का गबन किया गया है। प्रशासन के आला अधिकारियों की अचानक हुई जांच में यह खुलासा हुआ है कि समिति से लगभग 995.68 क्विंटल धान गायब कर दिया गया, जिसकी बाजार कीमत 30 लाख 86 हजार रुपये से भी ज्यादा आंकी गई है। यह कोई छोटी-मोटी हेराफेरी नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत किसानों के नाम पर आए धान को अवैध तरीके से बाहर बेचकर अपनी जेबें भरने का खेल चल रहा था। इस बड़े खुलासे के बाद पूरे इलाके और बाकी सहकारी समितियों में हड़कंप मच गया है।

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इस पूरे काले खेल का भंडाफोड़ तब हुआ जब अवैध धान परिवहन की गुप्त सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम ने मोहारा केंद्र पर अचानक छापा मारा। जांच के लिए सहायक खाद्य अधिकारी द्रोण कामड़े, डोंगरगढ़ के तहसीलदार अमीय श्रीवास्तव और अतिरिक्त तहसीलदार सोनित मेरिया सीधे मौके पर पहुंचे। जब टीम वहां पहुंची, तो केंद्र प्रभारी संतोष वर्मा वहां से गायब मिले, जिससे अधिकारियों का शक और गहरा हो गया। इसी दौरान जांच दल ने मौके पर एक संदिग्ध गाड़ी (सीजी 08 एल 1049) को रंगे हाथों पकड़ लिया। जब गाड़ी के ड्राइवर सुंदरलाल साहू से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने सच उगल दिया कि वह खैरी गांव के रहने वाले राजू वर्मा के कहने पर बिना किसी वैध कागज या बिल के समिति से धान लोड करके ले जा रहा था।

जांच अधिकारियों ने जब धान खरीदी और डिलीवरी के विभागीय आंकड़ों का मिलान किया, तो इस घोटाले का असली और शातिर तरीका समझ में आया। दरअसल, समिति ने कागजों पर यह दिखा दिया था कि धान सूखने (सूखत) की वजह से उसका वजन कम हो गया है। इसी 'सूखत' का बहाना बनाकर लगभग 995 क्विंटल धान को सरकारी रिकॉर्ड से कम कर दिया गया। असल में यह धान सूखा नहीं था, बल्कि इसे फर्जी तरीके से बचाकर बाहर ब्लैक मार्केट में बेचने की पूरी तैयारी थी। केंद्र प्रभारी और वहां के कर्मचारियों ने अपने निजी फायदे के लिए शासन की कस्टम मिलिंग नीति को ताक पर रख दिया और सरकार को सीधे तौर पर 30 लाख रुपये से ज्यादा का भारी चूना लगा दिया।

इस गंभीर जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है। पुलिस ने मोहारा धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी संतोष वर्मा, कंप्यूटर ऑपरेटर वेद प्रकाश साहू और बिना अनुमति के धान खरीदने वाले खैरी गांव के राजू वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि सरकारी नीतियों के खिलाफ जाकर किसानों के धान में हेराफेरी करने वाले किसी भी कर्मचारी, ऑपरेटर या दलाल को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की इस तेज और कड़ी कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि सरकारी सिस्टम में बैठकर गबन करने वालों की अब खैर नहीं है।

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