छत्तीसगढ़ और पूरे देश के लिए एक बेहद ही गौरवान्वित कर देने वाली ऐतिहासिक खबर सामने आई है। प्रदेश की होनहार और प्रतिभाशाली महिला वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अदम्य ताकत और शानदार तकनीक का लोहा मनवाते हुए सीनियर एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में अप्रत्याशित सफलता हासिल की है। ज्ञानेश्वरी ने इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की 53 किलोग्राम महिला वर्ग स्पर्धा में भाग लेते हुए अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर एक ही झटके में सिल्वर और कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। उनकी इस शानदार अंतरराष्ट्रीय जीत ने न केवल उनके गृह नगर राजनांदगांव बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य और भारत देश का नाम विश्व खेल पटल पर स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा दिया है।
ज्ञानेश्वरी यादव की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे उनकी सालों की कड़ी मेहनत, कठोर प्रशिक्षण और खेल के प्रति उनका अटूट अनुशासन सबसे बड़ी वजह रहा है। प्रतियोगिता के दौरान अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर उतरते ही उन्होंने असाधारण आत्मविश्वास का परिचय दिया। अपने तकनीकी कौशल का बेहतरीन मुज़ाहिरा करते हुए ज्ञानेश्वरी ने 'स्नैच' इवेंट में 88 किलोग्राम का भार बेहद आसानी से सफलतापूर्वक उठा लिया। इसके बाद 'क्लीन एंड जर्क' स्पर्धा की बारी आई, जिसमें उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 106 किलोग्राम का भारी-भरकम वजन उठाकर उपस्थित खेल विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को अचंभित कर दिया। इस प्रकार उन्होंने दोनों इवेंट्स को मिलाकर कुल 194 किलोग्राम का भार उठाया, जो कि उनके खेल करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन है और इसी के बल पर उन्होंने इन दोनों पदकों पर अपना कब्जा जमाया।
एक छोटे से शहर से निकलकर एशियाई स्तर के इतने बड़े टूर्नामेंट में दोहरे मेडल जीतना कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है, यह एक असाधारण तपस्या का परिणाम है। ज्ञानेश्वरी का यह पदक प्रदेश के उन हजारों युवा खिलाड़ियों, विशेषकर ग्रामीण अंचल की बालिकाओं के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा बन गया है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेलों की दुनिया में अपना करियर बनाने का सपना देखते हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि अगर इंसान के भीतर सच्ची लगन और कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो दुनिया की कोई भी बाधा उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराने से नहीं रोक सकती। राजनांदगांव जिले में वेटलिफ्टिंग जैसे खेल को एक नई वैश्विक पहचान दिलाने में उनका यह योगदान आने वाले कई दशकों तक याद रखा जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय पटल पर इस स्वर्णिम सफलता की खबर जैसे ही राजनांदगांव पहुंची, पूरे जिले के खेल प्रेमियों में जश्न और खुशी की लहर दौड़ गई। ज्ञानेश्वरी यादव की इस शानदार उपलब्धि पर समूचे जिला प्रशासन ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। इसके साथ ही उनकी इस सफलता के मुख्य शिल्पकार रहे उनके कोच श्री अजय लोहार विश्वकर्मा, स्टेडियम समिति, तथा जिला भारोत्तोलन संघ के संरक्षक श्री अजय श्रीवास्तव और अध्यक्ष श्री अमित आजमानी सहित संघ के समस्त पदाधिकारियों ने अपनी गहरी खुशी जाहिर की है। शहर की प्रतिष्ठित जय भवानी व्यायाम शाला के सदस्यों और अंचल के तमाम नागरिकों ने भी ज्ञानेश्वरी की इस जीत को छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास का एक सुनहरा अध्याय बताते हुए उन्हें ढेरों शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।


