राजनांदगांव जिले में खरीफ फसल की तैयारियों के बीच किसानों के हिस्से की खाद में धांधली और कालाबाजारी करने वालों पर प्रशासन ने बहुत बड़ा प्रहार किया है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के सख्त निर्देशों के बाद पूरे जिले में कृषि और राजस्व विभाग की टीमें पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सहकारी और निजी क्षेत्रों से किसानों को सही समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद मिल सके ताकि उन्हें खेती-किसानी में कोई दिक्कत न आए। इसी कड़ी में अवैध भंडारण की गुप्त सूचना मिलने पर विभाग की संयुक्त टीम ने डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम बेलगांव और माड़ीतराई में एक बड़ी छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिससे इलाके के खाद माफियाओं और बिचौलियों में हड़कंप मच गया है।
यह बड़ी और अहम कार्रवाई डोंगरगढ़ इलाके के मशहूर 'मेसर्स माँ शीतला कृषि केन्द्र' पर की गई है। प्रशासनिक टीम ने जब ग्राम बेलगांव स्थित इस कृषि केंद्र के परिसर और ग्राम माड़ीतराई में बने इसके बड़े गोदाम का अचानक औचक निरीक्षण किया, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। जांच दल को गोदाम के भीतर नियमों को ताक पर रखकर भारी मात्रा में अलग-अलग किस्म की रासायनिक खादों का अवैध भंडारण मिला। मौके पर की गई गिनती में टीम ने 300 बोरी किसान सुपर पाउडर, 290 बोरी एनएफएल यूरिया, 580 बोरी एनपीके, 273 बोरी एमओपी आईपीएल, 52 बोरी डीएपी आईपीएल और यूरिया सहित कुल 2253 बोरी रासायनिक उर्वरक बरामद किया, जिसे पूरी तरह से अवैध तरीके से डंप करके रखा गया था।
इस भारी मात्रा में अवैध खाद मिलने के बाद जांच टीम ने मौके पर ही जब्ती की बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे गोदाम पर ताला जड़कर उसे सील कर दिया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संबंधित कृषि केंद्र के संचालक ने सीधे तौर पर 'उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985' के खण्ड-7 के सख्त नियमों का खुला उल्लंघन किया है। गोदाम को सील करने के साथ ही प्रशासन ने मेसर्स माँ शीतला कृषि केन्द्र को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया है। संचालक को साफ शब्दों में चेतावनी दी गई है कि यदि उसने तय समय के भीतर खाद भंडारण से जुड़े वैध दस्तावेज और पुख्ता सबूत पेश नहीं किए, तो उसके खिलाफ लाइसेंस रद्द करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाया जाएगा।
प्रशासन की इस ताबड़तोड़ और पारदर्शी कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरी छापेमारी और जब्ती की प्रक्रिया के दौरान कृषि और राजस्व विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी पूरे समय मौके पर डटे रहे। अवैध खाद के इस बड़े जखीरे को पकड़ने वाली टीम में मुख्य रूप से "उर्वरक निरीक्षक व सहायक संचालक कृषि श्रीमती संध्या कोचरे, सहायक संचालक कृषि डॉ. बीरेन्द्र अनंत, डोंगरगढ़ के कृषि विकास अधिकारी श्री पी.के. नाग के साथ-साथ राजस्व निरीक्षक शिवेंद्र मिश्रा और क्षेत्रीय पटवारी प्रकाश चंद्राकर मौजूद रहे। " इन अधिकारियों की मुस्तैदी से किसानों को होने वाले एक बड़े नुकसान को समय रहते टाल दिया गया है और बाजार में खाद की कृत्रिम कमी होने से रोक ली गई है।


