Rajnandgaon : युवतियों को रायपुर बुलाकर बैंगलोर भेजने की थी साजिश, 'शाही' संस्था का फर्जीवाड़ा

राजनांदगांव : जिले में कौशल विकास और रोजगार के नाम पर मासूम हितग्राहियों को गुमराह करने का एक बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है। 'शाही' (Shahi) नामक एक संस्था द्वारा जिले की युवतियों को धोखे से राज्य के बाहर भेजने की साजिश रची जा रही थी। मामले की भनक लगते ही राजनांदगांव जिला प्रशासन और सहायक संचालक (जिला कौशल विकास प्राधिकरण) ने कड़ा रुख अपनाते हुए संस्था को 'कारण बताओ नोटिस' थमा दिया है और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है।

Rajnandgaon News Today

रायपुर बुलाकर बैंगलोर भेजने का था प्लान :-

जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने 'शाही' संस्था को राजनांदगांव जिले में केवल 'मोबिलाइजेशन' (हितग्राहियों को जागरूक करने) की अनुमति दी थी। लेकिन संस्था ने इस अनुमति का घोर दुरुपयोग किया। संस्था के लोगों ने जिले की 6-7 महिला हितग्राहियों को प्रशिक्षण का झांसा देकर पहले रायपुर बुलाया। जब ये युवतियां रायपुर पहुंचीं, तो उन्हें अचानक बताया गया कि उन्हें ट्रेनिंग और रोजगार के लिए बैंगलोर (कर्नाटक) भेजा जा रहा है।

​बिना किसी पूर्व सूचना और प्रशासन की अनुमति के राज्य से बाहर भेजने की इस बात से युवतियां बुरी तरह घबरा गईं और वहां से वापस अपने घर लौट आईं।

प्रशासन की छवि खराब करने का आरोप :-

जिला प्रशासन ने संस्था के इस कृत्य को सीधे तौर पर प्रशासनिक आदेशों की अवज्ञा, विश्वासभंग और धोखाधड़ी माना है। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के हितग्राहियों को राज्य से बाहर ले जाने का यह कृत्य महिलाओं की सुरक्षा, निगरानी और वैधानिक प्रक्रियाओं के लिए एक बड़ा खतरा है। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसे जोखिमपूर्ण और अवैध कृत्य को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​7 दिन का अल्टीमेटम, ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी :-

जिला कौशल विकास प्राधिकरण ने 'शाही' संस्था को कड़े शब्दों में नोटिस जारी करते हुए 7 दिन के भीतर सुस्पष्ट, तथ्यपरक और अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ अपना स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए संस्था को तत्काल ब्लैकलिस्ट (Blacklist) कर दिया जाएगा। साथ ही, भविष्य में किसी भी सरकारी कार्य, योजना या निविदा से पूर्णतः प्रतिबंधित करते हुए संस्था के खिलाफ विधिक और दंडात्मक (FIR) कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
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