Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कानून का इकबाल एक बार फिर बुलंद हुआ है। यूट्यूबर और पूर्व मुस्लिम (Ex-Muslim) सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला करने वाले दो सगे भाइयों, जीशान और गुलफाम सैफी, का अंत पुलिस मुठभेड़ में हो गया है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने या हिंसा फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
क्या थी पूरी घटना?
घटना 27 फरवरी की है, जब सलीम वास्तिक अपने घर पर आराम कर रहे थे। उसी दौरान जीशान और गुलफाम अली नामक दो युवकों ने उन पर धारदार हथियार (चाकू) से हमला कर दिया।
CCTV फुटेज का खुलासा : पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा गया कि हमलावरों ने सलीम का गला रेतने की कोशिश की।
हमले की वजह : शुरुआती जांच और सोशल मीडिया चर्चाओं के अनुसार, हमलावर सलीम के विचारों और बयानों से नाराज थे और इसे 'ईशनिंदा' (Blasphemy) मानकर सजा देना चाहते थे।
पीड़ित की स्थिति : सलीम वास्तिक वर्तमान में अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
सूत्रों के अनुसार सलीम वास्तिक इस्लाम धर्म छोड़ चुके थे एवं विभिन्न वाद विवाद इस्लामिक मान्यताओं औऱ मजहबी ग्रंथों पर करते थे, जिसमें वे कई मौलानाओं, इमामों, हाफ़िजों से प्रश्ननोत्तरी करते थे। सूत्रों के अनुसार सलीम वास्तिक पर हत्या के प्रयास का कारण यही बताया जा रहा है कि वे क़ुरान का अपमान एवं पैग़म्बर मोहम्मद या नबी के शान में गुस्ताखी किए थे।
जबकि सोशल मीडिया में दूसरी ओर कई लोग सलीम वास्तिक के पक्ष में भी यह बात कर रहे हैं कि भारत का संविधान सबसे बड़ा है ना कि मज़हबी पुस्तक, औऱ सलीम वास्तिक वही बोलते थे जो मजहबी पुस्तक में लिखा है, औऱ भारत के संविधान में भारत के हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गयी है जिसका उपयोग सलीम वास्तिक कर रहे थे लेकिन जिहादी औऱ कट्टरपंथी मानसिकता वाले लोगों ने संविधान औऱ कानून की अवहेलना कर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला कर दिया।
पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर :-
गाजियाबाद पुलिस ने सलीम वास्तिक के हत्या के प्रयास के मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की थी। इस दौरान दो अलग-अलग मुठभेड़ों में दोनों आरोपी मारे गए :
पहला एनकाउंटर (1 मार्च) : आरोपी जीशान को पुलिस ने पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में जीशान मारा गया।
दूसरा एनकाउंटर (3 मार्च) : सूत्रों और गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, दूसरा आरोपी गुलफाम रविवार रात पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से अवैध हथियार और दिल्ली से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस अब इस मामले में अन्य संभावित साजिशकर्ताओं की तलाश कर रही है। अपराधी यह भूल गए थे कि उत्तरप्रदेश में योगी आदित्यनाथ महाराज का शासन है जहाँ अपराधियों, दंगाइयों औऱ जिहादियों को मिट्टी में मिला दिया जाता है।
कानून और समाज के लिए बड़ा संदेश :-
सलीम वास्तिक के हत्या के बाद उत्तरप्रदेश पुलिस की कार्यवाही ने साफ कर दिया है कि आधुनिक समाज में किसी भी 'कट्टरपंथी विचारधारा' या 'Vigilantism ' (खुद कानून हाथ में लेना) के लिए कोई जगह नहीं है। उत्तरप्रदेश पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भेजा है कि हिंसा का रास्ता हमेशा विनाश की ओर ले जाता है। उत्तरप्रदेश पुलिस की इस समय X औऱ अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जमकर प्रशंसा हो रही है साथ-साथ योगी आदित्यनाथ जी के "अपराधी जिस भाषा में समझे उस भाषा में समझाने" की नीति की भी प्रशंसा हो रही है।
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इस समाचार के पश्चात् लोग कन्हैया लाल साहू के निर्मम हत्या केस की चर्चा भी सोशल मीडिया में लोग सलीम वास्तिक के एटेम्पट तो मर्डर केस से कर रहें हैं, जहाँ कन्हैयालाल के हत्या के आरोपियों को अब तक पूर्णतः रूप से सजा नहीं मिल पाया है, बता दें कि इसी प्रकार से छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव जिले में मानव मंदिर चौक के पास लक्ष्मी मेडिकल हॉल में भी इसी तरह हत्या के प्रयास की घटना सामने आई थी, सीसीटीवी में देखा जा सकता है कि बिल्कुल उसी अंदाज में सलीम वास्तिक पर भी जिहादी कट्टरपंथियों ने जानलेवा हमला किया है।
आपका इस घटना पर क्या राय है, कमेंट करके अवश्य बताएं 🙏 जय हिन्द 🇮🇳

