गैंदाटोला : ग्राम गैंदाटोला में आज भारी संख्या में नूनहाटोला, फांफामार, कोलिहामती, लूलीकासा के ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने शराब भट्टी को बंद कराने की मांग को लेकर उग्र आंदोलन शुरू कर दिया है। नूनहाटोला रोड में भट्टी के ठीक सामने धरने पर बैठीं महिलाओं ने साफ कर दिया है कि जब तक यह भट्टी यहाँ से नहीं हटाई जाती, उनका यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। इस आंदोलन को समर्थन देने पूर्व विधायक श्रीमती छन्नी चंदू साहू भी धरना स्थल पर उपस्थित रहीं।
धरना दे रही महिलाओं के हाथों में "शराब नहीं, शिक्षा चाहिए" और "दारू भट्टी बंद करो" जैसे नारों की तख्तियां देखी गईं। ग्रामीणों से बातचीत करने पर क्षेत्र में शराब भट्टी के कारण पनप रही कई गंभीर समस्याएं सामने आईं :
- स्कूली छात्राओं की सुरक्षा खतरे में : ग्रामीणों ने बताया कि शराबियों द्वारा स्कूली छात्राओं पर फब्तियां कसना और अभद्रता करना आम बात हो गई है। शराबी अक्सर बच्चियों को "आजा गाड़ी में बैठ जा" कहते हुए परेशान करते हैं। कई बार हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि छात्राओं को भागकर अपनी जान और इज्जत बचानी पड़ती है। इससे गांव की महिलाओं और बच्चियों में भारी असुरक्षा का माहौल है।
- नदी-नालों में गंदगी और प्रदूषण का अंबार : शराब भट्टी के आसपास गंदगी का आलम यह है कि चारों तरफ डिस्पोजल गिलास, प्लास्टिक के पानी पाउच और शराब की खाली शीशियां बिखरी पड़ी हैं। शराब पीने वाले यह सारा कचरा पास ही बहने वाले नदी-नाले में फेंक देते हैं, जहाँ ग्रामीण स्नान करते हैं और अपने दैनिक कार्यों के लिए पानी का उपयोग करते हैं। इससे न केवल पर्यावरण दूषित हो रहा है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
- सड़क जाम और आवागमन में परेशानी : शराब भट्टी सड़क के किनारे होने के कारण शराबी अपनी गाड़ियां बेतरतीब ढंग से सड़क पर ही खड़ी कर देते हैं। इससे आए दिन सड़क जाम की स्थिति निर्मित होती है और आम राहगीरों का वहां से गुजरना दूभर हो जाता है।
YouTube पर देखें :-
https://youtu.be/pTvjCvKSvh8?si=rf873jK8tpAO0H70
प्रमुख मांगें :
ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि महिलाओं और स्कूली छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा गांव को प्रदूषण और गंदगी से बचाने के लिए इस शराब भट्टी को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए या गांव से बाहर स्थानांतरित किया जाए।
प्रशासन ने फिलहाल इस मामले में कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है, लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश और अनिश्चितकालीन धरने को देखते हुए जल्द ही किसी बड़े कदम की उम्मीद की जा रही है। प्रशासन ने फिलहाल इस मामले में कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है, लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश और अनिश्चितकालीन धरने को देखते हुए जल्द ही किसी बड़े कदम की उम्मीद की जा रही है।
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