रील बनाने के चक्कर में कॉलेज छात्राओं की निजता से खिलवाड़, इंस्टाग्राम यूजर 'mr.vijay_netam' की करतूत आई सामने! : छुरिया

छुरिया : सोशल मीडिया पर लाइक्स बटोरने का नशा अब युवाओं पर इस कदर हावी हो गया है कि वे किसी की निजता (Privacy) का सम्मान भी नहीं कर रहे। ताज़ा मामला एक इंस्टाग्राम यूजर@mr.vijay_netam से जुड़ा है। >आरोप है कि उक्त युवक ने स्थानीय महाविद्यालय छुरिया से पढ़ाई कर घर लौट रही छात्राओं का बिना उनकी अनुमति के वीडियो बनाया। इतना ही नहीं, युवक ने उस वीडियो में फ़िल्मी गाने लगाकर उसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सार्वजनिक (Public) कर दिया। जब जागरूक नागरिकों ने इस हरकत को देखा और इसे 'साइबर अपराध' बताते हुए पुलिस और मीडिया में शिकायत करने की बात कही, तो डर के मारे युवक ने वीडियो डिलीट कर दिया।

Womens Security

बड़ा सवाल यह है कि :

कॉलेज से निकलती छात्राओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना 'डिजिटल ईव-टीजिंग' (Digital Eve-teasing) की श्रेणी में आता है। अगर उस वीडियो का गलत इस्तेमाल होता, तो इसका जिम्मेदार कौन होता? साइबर सेल को ऐसे मनचलों पर स्वतः संज्ञान लेकर कार्यवाही करनी चाहिए ताकि छात्राओं का कॉलेज आना-जाना सुरक्षित रहे। 

अगर आप यह सोच रहे हैं कि यह न्यूज़ क्यों महत्वपूर्ण है, तो इसके 3 मुख्य कारण हैं :

  • सहमति (Consent) : सार्वजनिक जगह होने के बावजूद, किसी लड़की पर फोकस करके (Zoom करके या स्लो मोशन में) वीडियो बनाना और उस पर गाना लगाना "General Recording" नहीं है, यह Harassment (उत्पीड़न) है।

  • सुरक्षा (Safety) : वीडियो से यह पता चलता है कि लड़कियां किस कॉलेज में हैं और किस समय निकलती हैं। यह उनकी पहचान (Identity) उजागर करता है जिससे उन्हें खतरा हो सकता है।

  • कानूनी पक्ष (Legal Aspect) : बिना अनुमति किसी की तस्वीर या वीडियो का व्यावसायिक या सोशल मीडिया पर उपयोग करना आईटी एक्ट के तहत दंडनीय है।

नोट : चूँकि उसने वीडियो डिलीट कर दिया है, तो अब यह "चेतावनी" वाली खबर ज्यादा है, लेकिन उसका रिकॉर्ड (स्क्रीनशॉट) होने पर पुलिस शिकायत (FIR) अभी भी हो सकती है तो ऐसी हरकतें करने से पहले १०० बार सोच लें 

Crime Reporter : मोहित वैष्णव [ छुरिया टाइम्स ]

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