Camera Studio
Shri Balaji Studio

प्रसव पीड़ित महिला की जान बचाने देवदूत बनकर पहुंचे युवा, 4 यूनिट रक्तदान कर दिया 'जीवनदान'

राजनांदगाँव : "रक्तदान ही महादान है" - यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए आज हमारे शहर के जागरूक युवाओं ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। एक गंभीर स्थिति में, जब एक गर्भवती महिला (Delivery Patient) जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थी और उसे तत्काल 4 यूनिट रक्त की आवश्यकता थी, तब उम्मीद की किरण बनकर सामने आए समाजसेवी राकेश कसार, अंशुल कसार और अंकुश गुप्ता


जानकारी के अनुसार, मरीज की हालत नाजुक थी और परिजनों के लिए इतना खून तुरंत जुटा पाना मुश्किल हो रहा था। खबर मिलते ही बिना एक पल की देरी किए स्वयंसेवक राकेश कसार अपने साथियों अंशुल कसार और अंकुश गुप्ता के साथ अस्पताल पहुंचे। तीनों युवाओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया और प्रसव पीड़ित महिला के इलाज के लिए आवश्यक रक्त की कमी को पूरा किया।


और नया पुराने
Advertisements

संपर्क फ़ॉर्म