राजनांदगांव : जिले में 'सुशासन तिहार 2026' के अंतर्गत विकास और जनकल्याण के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। बुधवार को राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम मुड़पार में एक विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस गरिमामय अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने क्षेत्रवासियों को विकास की बड़ी सौगात देते हुए 4 करोड़ 50 लाख 59 हजार रूपए की लागत वाले 115 विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत लोकार्पण किया। इसके साथ ही ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए उन्होंने ग्राम मुड़पार से खरखरा नदी तक दो किलोमीटर लंबी पक्की सड़क के निर्माण की ऐतिहासिक घोषणा भी की। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को सीधे आम जनता तक पहुंचाना और उनकी बुनियादी समस्याओं का त्वरित गति से निराकरण करना था, ताकि प्रदेश को एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाए जा सकें।
जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राज्य सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 1 मई से 10 मई 2026 तक चलने वाले इस 'सुशासन तिहार' के तहत गांव-गांव में आयोजित शिविरों में स्वयं हेलीकॉप्टर से पहुंचकर ग्रामीणों का हालचाल जान रहे हैं और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की सीधी समीक्षा कर रहे हैं। डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति का विशेष उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश भर में 18 लाख से अधिक नए आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 30 हजार से अधिक निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। राजनांदगांव जिले का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यहां स्वीकृत 10 हजार 304 आवासों में से 6 हजार 447 आवास पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिविर में प्राप्त सभी मांग और शिकायत के आवेदनों का मात्र एक माह के भीतर निराकरण कर हितग्राहियों को सीधे सूचित किया जाएगा।
इस अवसर पर राजनांदगांव के कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिले का प्रशासकीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए सुशासन तिहार की विस्तृत उपलब्धियों को जनता के समक्ष रखा। कलेक्टर ने बताया कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 क्लस्टर बनाकर कुल 62 जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां प्रशासन खुद चलकर जनता के द्वार तक पहुंच रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में राजनांदगांव जिले को पूरे प्रदेश में अव्वल बताते हुए जानकारी दी कि जिले में अब तक 29 हजार से अधिक पक्के आवासों का निर्माण हो चुका है। इसके अतिरिक्त, महिला सशक्तिकरण की दिशा में जिले ने बड़ी छलांग लगाते हुए 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.5' के तहत 7 हजार 119 नए गैस कनेक्शन प्रदान किए हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली स्व-सहायता समूहों की 42 हजार से अधिक महिलाओं ने 'लखपति दीदी' बनकर जिले का मान बढ़ाया है और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।
शिविर में केवल घोषणाएं और लोकार्पण ही नहीं हुए, बल्कि शासन की विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ मौके पर ही कई हितग्राहियों को प्रदान किया गया। प्राकृतिक आपदा (आरबीसी 6-4) के तहत ग्राम सोमनी के निवासी श्रीमती सरोज निषाद और श्री ईश्वरदास को 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए गए। शिक्षा के क्षेत्र में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अंडी के 10वीं और 12वीं बोर्ड में अव्वल रहे मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 'पोट्ठ लईका पहल' के तहत कुपोषित बच्चों को सुपोषण किट, दिव्यांगजनों को ट्रायसायकल और उत्कृष्ट कार्य के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस भव्य और सफल आयोजन में पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, डीएफओ आयुष जैन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष किरण साहू, जनपद अध्यक्ष प्रतिमा चंद्राकर, एसडीएम गौतम पाटिल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण उपस्थित थे।


