रायपुर (छत्तीसगढ़) : छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय सरकार ने प्रदेश में 'यूनिफॉर्म सिविल कोड' यानी 'समान नागरिक संहिता' (UCC) लागू करे के बहुत बड़का फैसला ले ले हे। एकर तियारी बर समावेशी रंजना देसाई के अध्यक्षता में एक ठन विशेष समिति बनाए जाही। ये कानून के सीधा-सीधा मतलब ये हे कि बिहाव, तलाक अउ सम्पति जिसे निजी मामले म अब प्रदेश के सबो धरम के मनखे मन बर एकेच कानून बनही। फेर ये कानून ला लेके लोगन के मन म बहुत अकन भरम हे। आवव आज 'छुरिया टाइम्स' म आसान उदाहरण ले समझथन कि ये कानून लागू होय ले का-का बदल जही अउ का-का जिसे के ताइज रहिही।
UCC लागू होय ले का-का बदल जही?
1. सबो धरम बर एके कानून : बिहाव, तलाक, लइका गोद लेना अउ सम्पति के उत्तराधिकार बर अब सबो समुदाय बर एकेच नियम लागू होही।
उदाहरण : जइसे अब तक हिन्दू मन बर हिन्दू मैरिज एक्ट अउ मुस्लिम मन बर अलग पर्सनल लॉ चलत रिहिस। फेर UCC आए के बाद हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सबो बर एकेच नियम चलही। अदालत म सबो ला एक तराजू म तौले जाही।
2. बिना तलाक दूसर बिहाव म कड़ाई ले रोक : अब बिना कानूनी तलाक लेय कोनो भी मनखे दूसर बिहाव (दूसरी शादी) नइ कर सके।
उदाहरण : पहिली कटकोन झन पहिली पत्नी ला बिना कोर्ट ले तलाक देय, या तीन तलाक बोल के दूसर बिहाव कर लेत रहिन। अब अइसन नइ चलय। जब तक कोर्ट ले बकायदा तलाक के कागज नइ मिलाही, कोनो दूसर बिहाव नइ कर सकाय। अइसन करे म सीधा जेल होही।
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3. सम्पति के अधिकार म समानता : सम्पति के बंटवारा अब धर्म के कानून (जिससे शरीयत) के बजाय 'समान नागरिक कानून' के तहत होही।
उदाहरण : पहिली कुछ धर्म मन के नियम म बेटी मन ला पिता के सम्पति म हिस्सा नइ मिलत रिहिस या कम मिलत रिहिस। फेर ये कानून के आय ले अब बेटा अउ बेटी दूनों ला सम्पति म बिल्कुल बराबर के हिस्सा मिलाही। महिला मन ला पूरा अधिकार मिलाही।
का-का नइ बदलही?
1. धर्म-कर्म अउ रीति-रिवाज म कोनो रोक नइ : शादी-बिहाव पहिली जैसेनेच होही। पूजा, इबादत अउ धार्मिक परंपरा म कोनो परभाव नइ पड़य।
उदाहरण : अगर आप हिन्दू हव, त आप के बिहाव पंडित जी हा मंत्र पढ़ के ही कराहीं। मुस्लिम हव त मौलवी साहब ही निकाह पढ़ाहीं। मंदिर म पूजा अउ मस्जिद म नमाज़ पढ़े म सरकार के कोनो रोक-टोक नइ रहय।
2. व्यक्तिगत जीवनशैली पूरा सुरक्छित : खान-पान, वेश-भूषा (पहनावा) अउ व्यक्तिगत मान्यता मन म कोनो हस्तक्षेप नइ करे जाही।
उदाहरण : आप मन घर म का खाथो, कइसन कपड़ा पहिरथो, अउ कउन से तीज-तिहार मनाथो, इमा कोनो बदलाव नइ आही। एकर आजादी पहिली जैसेनेच बने रहिही।
रिपोर्ट : मेकल सिंह (संपादक)

