जल दान है सर्वोत्तम दान ; मटके का प्राकृतिक शीतल जल राहगीरों के लिए बना वरदान
राजनांदगांव। लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए शहर में एक नेक पहल की गई है। महर्षि वाग्भट्ट गौ संवर्धन एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा राजनांदगांव शहर के आजाद चौक मोतीपुर स्थित हनुमान मंदिर और ढाबा रोड स्थित भोलेनाथ मंदिर में 'प्याऊ घर सेवा' का शुभारंभ किया गया।
उद्घाटन अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष श्री राधेश्याम गुप्ता और समाजसेवी श्री शिव वर्मा ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान जल के मटकों पर 'राम नाम' अंकित कर इस पुनीत कार्य की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष श्री राधेश्याम गुप्ता ने भारतीय संस्कृति में जल दान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में राहगीरों, जरूरतमंदों और आमजन को शीतल जल उपलब्ध कराना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है। उन्होंने मटके के पानी की उपयोगिता बताते हुए स्पष्ट किया कि यह प्राकृतिक रूप से शीतल, स्वास्थ्यवर्धक और पर्यावरण के अनुकूल होता है। इसके विपरीत बोतलबंद, पाउच या फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
समाजसेवी श्री शिव वर्मा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि प्याऊ घर सेवा केवल प्यास बुझाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में मानवता, सहयोग और सेवा के संस्कारों को सुदृढ़ करने का एक बेहतरीन प्रयास है।
संस्थान के सदस्य श्री धर्मराज यादव ने जानकारी दी कि इस प्याऊ घर सेवा के लिए 'शिव शक्ति धर्मार्थ सार्वजनिक सेवा समिति, चिखली' द्वारा निःशुल्क मटकों की व्यवस्था की गई है। यह सेवा पूरे ग्रीष्मकाल के दौरान निरंतर जारी रहेगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके।
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान वहां से गुजरने वाले राहगीरों को शीतल जल के साथ-साथ शर्बत का भी वितरण किया गया। इस पुनीत अवसर पर मुख्य रूप से जी.आर. देवांगन, नरेन्द्र देवांगन, पुरूषोत्तम देवांगन समेत 'शिक्षा संस्कार पाठशाला' के बच्चे और बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।


