राजनांदगांव के गैंदाटोला में पुलिस की बड़ी कार्रवाई : जंगलपुर राईस मिल के पास अवैध शराब बेचते 2 आरोपी गिरफ्तार, 21 पौवा देशी शराब व बिक्री रकम जप्त
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में अवैध मदिरा के कारोबार के खिलाफ पुलिस और आबकारी प्रशासन ने अभियान को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में थाना गैंदाटोला की पुलिस टीम ने मुखबीर की सटीक और गोपनीय सूचना के आधार पर ग्राम जंगलपुर स्थित राईस मिल के सामने मुख्य मार्ग पर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी करते हुए अवैध देशी शराब की खुलेआम बिक्री करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की इस त्वरित, पारदर्शी और साहसिक कार्रवाई में दो आरोपियों 1. यश कुमार साहू पिता स्व. कृत साहू 2. लिकेश देहारी पिता विश्वनाथ देहारी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(ख) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध देशी शराब, बिक्री की नगद राशि तथा पैकिंग सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई के बाद से आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब का काला कारोबार करने वाले असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
राजनांदगांव जिला पुलिस अधीक्षक एवं उप-पुलिस अधीक्षकों के सख्त निर्देशों के परिपालन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों, अवैध नशे की तस्करी, सट्टा-पट्टी एवं मदिरा के अवैध परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी तारतम्य में 11 सितंबर 2026 को गैंदाटोला पुलिस की नियमित गश्त और जुर्म-जरायम पतासाजी टीम को यह महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी। पुलिस टीम ने ग्राम जंगलपुर में राईस मिल के पास दबिश देकर एक आरोपी को रंगे हाथों धर दबोचा, जबकि उसका दूसरा साथी पुलिस की गाड़ियों को देखकर मौके से फरार होने में सफल रहा था। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित घेराबंदी के कारण फरार आरोपी को भी कुछ ही घंटों के भीतर उसके गृह ग्राम सीताकसा से गिरफ्तार कर लिया गया।
यह पूरा मामला नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 173 तथा छत्तीसगढ़ आबकारी (संशोधन) अधिनियम 2002 की धारा 34(1) एवं 34(ख) के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस द्वारा मौके पर की गई जब्ती, गवाहों के बयान, देहाती नालसी की कायमी और असल नंबरी FIR दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया का विस्तृत विवरण इस विशेष समाचार रिपोर्ट में प्रस्तुत किया जा रहा है। यह रिपोर्ट न केवल आम पाठकों के लिए विस्तृत जानकारी प्रदान करती है, बल्कि कानूनी विशेषज्ञों, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों और समाचार पाठकों के लिए भी छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग और आबकारी कानून के प्रवर्तन का एक संपूर्ण दस्तावेज है।
घटना का विस्तृत घटनाक्रम: गश्त के दौरान मिली मुखबीर की गुप्त सूचना
दिनांक 11 सितंबर 2026 (दिन शुक्रवार) की शाम को थाना गैंदाटोला में पदस्थ प्रधान आरक्षक (Head Constable) क्रमांक 534 मानव सोनकर अपने अधीनस्थ पुलिस स्टाफ के साथ थाना क्षेत्र में नियमित गश्त, शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा जुर्म-जरायम की पतासाजी हेतु रवाना हुए थे। पुलिस टीम में आरक्षक (Constable) क्रमांक 1990 नरेश प्रधान एवं आरक्षक क्रमांक 1976 अमर कंवर शामिल थे। पुलिस टीम शासकीय मोटरसाइकिल क्रमांकCG03A0861तथा निजी वाहन क्रमांकCG08AQ1906में सवार होकर आवश्यक जांच उपकरण, किट बॉक्स तथा विधिक दस्तावेजों के साथ क्षेत्र भ्रमण पर निकली थी।
गश्त के दौरान जब पुलिस टीम गैंदाटोला थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों और संवेदनशील इलाकों की जांच कर रही थी, तभी शाम लगभग 4:00 से 4:15 बजे के बीच एक विश्वसनीय मुखबीर ने प्रधान आरक्षक मानव सोनकर को गोपनीय सूचना दी। मुखबीर ने बताया कि थाना गैंदाटोला से लगभग 6 किलोमीटर उत्तर दिशा में स्थित ग्राम जंगलपुर में राईस मिल के ठीक सामने दो नवयुवक अपनी मोटरसाइकिल पर अवैध देशी शराब रखकर आम राहगीरों और स्थानीय लोगों को ऊंचे दामों पर शराब बेच रहे हैं। सूचनाकर्ता ने यह भी बताया कि यदि तुरंत छापेमारी नहीं की गई तो आरोपी पूरी शराब बेचकर या वहां से भागकर निकल जाएंगे।
प्राप्त सूचना की संवेदनशीलता और सत्यता की तस्दीक हेतु प्रधान आरक्षक मानव सोनकर ने तत्काल निर्णय लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद कानून की मंशा के अनुरूप बिना किसी विलंब के रेड कार्रवाई हेतु टीम को संगठित किया गया।
कानूनी प्रक्रिया का पालन: स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति और धारा 179 BNSS का नोटिस
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की विधिक धाराओं के अनुसार किसी भी स्थान पर रेड या जब्ती की कार्यवाही से पूर्व निष्पक्ष और स्वतंत्र स्थानीय गवाहों को शामिल करना अनिवार्य होता है ताकि न्यायालय में साक्ष्य की पवित्रता बनी रहे। इसी विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए गैंदाटोला पुलिस ने कार्रवाई से पहले दो स्वतंत्र स्थानीय नागरिकों को गवाह के रूप में शामिल करने का फैसला किया।
पुलिस टीम ने ग्राम गैंदाटोला निवासी दो युवकों—शेरसिंह राजपूत(पिता स्व. गिरधारी राजपूत, उम्र 25 वर्ष) एवं राहुल यादव(पिता राजाराम यादव, उम्र 26 वर्ष) को मुखबीर से प्राप्त सूचना का ब्यौरा दिया। पुलिस ने दोनों नागरिकों को निष्पक्ष रेड कार्यवाही का प्रत्यक्षदर्शी बनने और गवाही देने हेतु कानूनी रूप से सहमत करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 179 के अंतर्गत लिखित नोटिस तामिल कराया। गवाहों ने पुलिस की बात को समझा और समाज हित में इस कानूनी कार्यवाही में सहयोग देने पर अपनी सहर्ष लिखित सहमति प्रदान की।
इसके पश्चात, प्रधान आरक्षक मानव सोनकर के नेतृत्व में पुलिस टीम, आरक्षकगण और दोनों स्वतंत्र साक्षी एक साथ शासकीय व निजी वाहनों से मुखबीर के बताए स्थान ग्राम जंगलपुर स्थित राईस मिल के सामने के लिए रवाना हुए।
ग्राम जंगलपुर राईस मिल के सामने रेड: मौके पर मची अफरा-तफरी
शाम लगभग 4:09 बजे पुलिस टीम और स्वतंत्र गवाह ग्राम जंगलपुर राईस मिल के सामने पहुंचे। पुलिस ने वाहनों को थोड़ी दूरी पर रोककर सावधानीपूर्वक पैदल ही राईस मिल के पास घेराबंदी शुरू की। मुखबीर का इशारा मिलते ही पुलिस ने देखा कि राईस मिल के सामने सड़क किनारे एक मोटरसाइकिल खड़ी थी, जिसके पास दो युवक प्लास्टिक के पीले थैलों से पौवा निकालकर कुछ लोगों को दे रहे थे।
पुलिस की गाड़ियों और वर्दीधारियों को अपनी ओर अचानक आते देख दोनों आरोपियों में अफरा-तफरी मच गई। वे तुरंत अपनी मोटरसाइकिल और शराब छोड़कर भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस टीम ने तुरंत तेजी दिखाते हुए चारों तरफ से घेराबंदी की।
इस घेराबंदी के दौरान एक आरोपी पुलिस को चकमा देकर पास की झाड़ियों और गलियों का फायदा उठाते हुए मौके से तेजी से भाग निकलने में कामयाब हो गया। हालांकि, पुलिस टीम के मुस्तैद जवानों ने दूसरे आरोपी को मौके पर ही दौड़ाकर सफलतापूर्वक धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी को स्वतंत्र साक्षियों के सामने रोककर पूछताछ की गई।
पकड़े गए आरोपी लिकेश कुमार देहारी का परिचय एवं बरामदगी का विवरण
पुलिस टीम द्वारा मौके पर पकड़े गए युवक से जब उसका नाम, पिता का नाम और स्थायी निवास का पता पूछा गया, तो उसने सहमे हुए स्वर में अपना परिचय निम्नलिखित रूप में दिया:
- नाम:लिकेश कुमार देहारी
- पिता का नाम:विश्वनाथ देहारी
- आयु:19 वर्ष
- निवास स्थान:ग्राम सीताकसा, थाना गैंदाटोला, जिला राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)
इसके बाद पुलिस ने गवाहों शेरसिंह राजपूत और राहुल यादव की उपस्थिति में आरोपी लिकेश कुमार देहारी के कब्जे की बारीकी से तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से पीले रंग के 2 नग बड़े प्लास्टिक के थैले बरामद हुए। इन प्लास्टिक के थैलों के ऊपर अंग्रेजी में"Nestle"लिखा हुआ था।
जब पुलिस ने दोनों थैलों की गहराई से जांच की, तो उनके अंदर से कुल 21 नग प्लास्टिक की बोतलें (पौवा) प्राप्त हुईं। इन बोतलों पर 'शोले' ब्रांड का लेबल लगा हुआ था और वे छत्तीसगढ़ निर्मित प्लेन देशी शराब से भरी हुई थीं। प्रत्येक बोतल (पौवा) में 180 मिलीलीटर मदिरा भरी हुई थी। इस प्रकार जप्त की गई कुल शराब की मात्रा 3780 मिलीलीटर (3.780 बल्क लीटर) पाई गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹1,680/- (एक हजार छह सौ अस्सी रुपये) आंकी गई।
इसके अलावा, आरोपी लिकेश कुमार देहारी की जेब से नगद राशि ₹250/- (दो सौ पचास रुपये) भी बरामद की गई। आरोपी ने स्वीकार किया कि यह राशि कुछ ही देर पहले शराब बेचने से अर्जित की गई थी।
पूछताछ में बड़ा पर्दाफाश: फरार आरोपी और अवैध शराब की खरीदी का सच
मौके पर बरामद शराब और बिक्री रकम के संबंध में प्रधान आरक्षक मानव सोनकर ने आरोपी लिकेश कुमार देहारी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 94 के तहत लिखित नोटिस तामिल कराया। इस नोटिस के माध्यम से आरोपी से जप्त शराब को रखने, परिवहन करने अथवा बेचने संबंधी वैध आबकारी अनुज्ञप्ति (Licence), परमिट या शासकीय दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया। आरोपी लिकेश कुमार देहारी ने लिखित में जवाब दिया कि उसके पास उक्त देशी शराब के संबंध में कोई भी वैध कागजात या लाइसेंस उपलब्ध नहीं है और वह अवैध रूप से इसे बेच रहा था।
जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की कि वह यह शराब कहां से लाया था और उसके साथ भागने वाला दूसरा व्यक्ति कौन था, तब लिकेश कुमार देहारी ने मामले की पूरी सच्चाई बयान की। आरोपी ने बताया कि रेड कार्रवाई के दौरान जो व्यक्ति पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ, उसका नामयश कुमार साहू(पिता स्व. कृतकुमार साहू, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम सीताकसा, थाना गैंदाटोला) है।
लिकेश ने खुलासा किया कि यश कुमार साहू ही इस अवैध कारोबार का मुख्य योजनाकार था। यश कुमार साहू ने स्वयं₹1,900/- (एक हजार नौ सौ रुपये)नगद जुटाकर कुल 23 नग पौवा शोले प्लेन देशी शराब की खरीदी की थी। इसके बाद यश और लिकेश दोनों मिलकर शराब को प्लास्टिक के दो 'Nestle' लिखे पीले थैलों में भरकर बिक्री करने हेतु ग्राम जंगलपुर राईस मिल के पास लाए थे।
पुलिस के पहुंचने से ठीक पहले तक वे 2 नग पौवा ग्राहकों को ₹250 में बेच चुके थे। बाकी बचे 21 नग पौवा को वे बेचने ही वाले थे कि पुलिस की रेड हो गई। लिकेश ने बताया कि शराब बिक्री से मिलने वाले मुनाफे को दोनों आपस में बांटने वाले थे।
फरार आरोपी यश कुमार साहू की धरपकड़ और ग्राम सीताकसा में कार्रवाई
मौके पर देहाती नालसी (Dehati Nalasi) अपराध क्रमांक 00/2026 धारा 34(1)(ख) आबकारी एक्ट कायम करने के बाद जप्त सामग्री को विधिवत सीलबंद कर पुलिस कब्जे में लिया गया। आरोपी लिकेश कुमार देहारी को शाम 17:05 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। चूंकि छत्तीसगढ़ आबकारी कानून के तहत उक्त मात्रा में शराब की जब्ती का अपराध जमानतीय (Bailable) प्रकृति का होता है, इसलिए आरोपी लिकेश देहारी द्वारा सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने पर उसे मौके पर ही जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
इसके पश्चात पुलिस टीम फरार आरोपी यश कुमार साहू की तलाश में तत्काल उसके गृह ग्राम सीताकसा के लिए रवाना हुई। ग्राम सीताकसा में पुलिस ने रणनीतिक घेराबंदी करते हुए यश कुमार साहू (उम्र 21 वर्ष) का पता लगाया और उसे उसके ठिकाने से हिरासत में ले लिया।
थाना गैंदाटोला पुलिस द्वारा जब यश कुमार साहू से पूछताछ की गई, तो उसने स्वीकार किया कि उसने और लिकेश ने मिलकर शराब खरीदी थी और वह पुलिस को देखकर मौके से भाग गया था। अपराध में संलिप्तता पूरी तरह सिद्ध होने पर यश कुमार साहू को भी विधिवत गिरफ्तार किया गया। जमानतीय अपराध होने के कारण सक्षम जमानतदार पेश करने पर यश कुमार साहू को भी जमानत मुचलके पर रिहा किया गया और उसे न्यायालय में सुनवाई के दौरान उपस्थित होने की हिदायत दी गई।
मामले की कानूनी समयरेखा (Chronological Timeline of the Operation)
घटना के समयक्रम को स्पष्ट रूप से समझने के लिए नीचे दी गई समयरेखा का अवलोकन किया जा सकता है:
| दिनांक एवं समय | घटना / विधिक प्रक्रिया का विवरण |
|---|---|
| 11/09/2026 - शाम 16:00 बजे | प्रधान आरक्षक मानव सोनकर एवं स्टाफ द्वारा गश्त के दौरान मुखबीर की गुप्त सूचना प्राप्त करना। |
| 11/09/2026 - शाम 16:05 बजे | स्वतंत्र गवाहों शेरसिंह राजपूत व राहुल यादव को धारा 179 BNSS का नोटिस तामिल कर सहमति लेना। |
| 11/09/2026 - शाम 16:09 बजे | ग्राम जंगलपुर राईस मिल के सामने पुलिस टीम द्वारा दबिश/रेड की शुरुआत। |
| 11/09/2026 - शाम 16:15 बजे | आरोपी लिकेश देहारी को रंगे हाथों पकड़ा गया; आरोपी यश कुमार साहू मौके से फरार हुआ। |
| 11/09/2026 - शाम 16:30 बजे | धारा 94 BNSS के तहत नोटिस देना, 21 पौवा शराब (3.780 बल्क लीटर) व ₹250 नगद की जप्ती। |
| 11/09/2026 - शाम 17:05 बजे | आरोपी लिकेश कुमार देहारी की औपचारिक गिरफ्तारी एवं जमानत मुचलके पर रिहाई। |
| 11/09/2026 - शाम 17:15 बजे | मौके पर देहाती नालसी (Dehati Nalasi No. 00/2026) दर्ज की गई। |
| 11/09/2026 - शाम 17:45 बजे | ग्राम सीताकसा में दबिश देकर फरार आरोपी यश कुमार साहू को गिरफ्तार कर मुचलके पर छोड़ना। |
| 11/09/2026 - शाम 18:09 बजे | थाना गैंदाटोला में वापसी दर्ज कर असल नंबरी अपराध क्रमांक 0058/2026 (FIR) पंजीकृत करना। |
छत्तीसगढ़ आबकारी (संशोधन) अधिनियम 2002 की धारा 34 की विस्तृत विधिक व्याख्या
छत्तीसगढ़ राज्य में आबकारी मामलों का संचालन 'छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915' तथा इसमें वर्ष 2002 में किए गए संशोधनों के तहत किया जाता है। इस मामले में प्रयुक्त प्रमुख कानूनी प्रावधानों की बारीकियों को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है:
1. धारा 34(1)(ख) के प्रावधान
छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34 गैर-कानूनी रूप से मदिरा या नशीले पदार्थों के निर्माण, परिपरिवहन, भंडारण और विक्रय को प्रतिबंधित करती है। धारा 34(1)(ख) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस या प्राधिकार के मदिरा की बिक्री करता है या बिक्री के उद्देश्य से अपने पास रखता है, तो वह दंड का भागी होगा।
इस धारा के तहत जप्त शराब की मात्रा के आधार पर सजा और जुर्माने के अलग-अलग प्रावधान हैं:
- यदि जप्त शराब की मात्रा 50 बल्क लीटर से कम है, तो यह अपराध जमानतीय (Bailable) होता है और इसमें छह माह तक का कारावास तथा जुर्माना हो सकता है।
- यदि जप्त शराब की मात्रा 50 बल्क लीटर या उससे अधिक होती है, तो मामला गैर-जमानतीय (Non-Bailable) श्रेणी में आता है, जिसमें न्यूनतम 1 वर्ष से 3 वर्ष तक के सश्रम कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
2. जप्ती पत्रक (Seizure Memo) एवं सीलबंदी की महत्ता
आबकारी मुकदमों में न्यायालय के समक्ष सबूत सिद्ध करने के लिए जप्ती पत्रक की विधिक शुद्धता बहुत आवश्यक होती है। इस मामले में पुलिस ने 21 पौवा शराब और ₹250 बिक्री रकम को दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में सीलबंद किया है। साक्ष्य के रूप में जप्त शराब का रासायनिक परीक्षण (Chemical Analysis) कराया जाता है ताकि यह साबित हो सके कि जप्त द्रव वास्तव में इथाइल अल्कोहल (शराब) ही है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की नई धाराओं का विश्लेषण
1 जुलाई 2024 से भारत में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों के तहत पुरानी दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के स्थान पर 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)' लागू हो चुकी है। इस FIR में BNSS की निम्नलिखित तीन धाराओं का मुख्य रूप से प्रयोग किया गया है:
1. धारा 173 BNSS (प्रथम सूचना रिपोर्ट / FIR)
पुरानी CrPC की धारा 154 के स्थान पर अब धारा 173 BNSS का प्रयोग किया जाता है। इसके तहत किसी संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा लिखित या इलेक्ट्रॉनिक रूप से FIR दर्ज की जाती है। इस मामले में गैंदाटोला पुलिस ने देहाती नालसी के आधार पर धारा 173 के तहत अपराध क्रमांक 0058/2026 दर्ज किया है।
2. धारा 179 BNSS (गवाहों को नोटिस एवं उपस्थिति)
पुरानी CrPC की धारा 160 व 175 के समकक्ष, धारा 179 BNSS पुलिस अधिकारी को यह अधिकार देती है कि वह जांच या रेड के दौरान किसी भी ऐसे व्यक्ति को लिखित आदेश देकर बुला सकता है या गवाह बना सकता है जो मामले के तथ्यों से परिचित हो। पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों शेरसिंह राजपूत और राहुल यादव को इसी धारा के तहत नोटिस देकर पारदर्शी कार्यवाही निष्पादित की।
3. धारा 94 BNSS (दस्तावेज या वस्तु पेश करने का समन/नोटिस)
पुरानी CrPC की धारा 91 के स्थान पर लागू धारा 94 BNSS के तहत पुलिस अधिकारी किसी भी व्यक्ति को उसके पास मौजूद किसी दस्तावेज, लाइसेंस या वस्तु को प्रस्तुत करने का लिखित निर्देश जारी कर सकता है। आरोपी लिकेश देहारी को शराब का वैध परमिट प्रस्तुत करने हेतु इसी धारा का नोटिस दिया गया था।
मामले से जुड़ी संपूर्ण केस समरी टेबल (Detailed Case Breakdown)
नीचे दी गई विस्तृत तालिका में FIR संख्या 0058/2026 की संपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक जानकारी समेकित की गई है:
| क्र. सं. | पैरामीटर (Parameter) | विवरण (Details) |
|---|---|---|
| 1 | राज्य एवं जिला | छत्तीसगढ़, जिला राजनांदगांव |
| 2 | थाना (Police Station) | थाना गैंदाटोला |
| 3 | FIR संख्या एवं वर्ष | 0058 / 2026 (दिनांक 11/09/2026) |
| 4 | अधिनियम एवं धाराएं | छत्तीसगढ़ आबकारी (संशोधन) अधिनियम 2002 की धारा 34(1)(ख) |
| 5 | घटना की तिथि एवं समय | 11/09/2026 (शुक्रवार), समय 16:09 बजे से 16:47 बजे तक |
| 6 | घटनास्थल का विवरण | राईस मिल के सामने, ग्राम जंगलपुर (थाना गैंदाटोला से 6 किमी उत्तर) |
| 7 | जांच/विवेचना अधिकारी | प्रधान आरक्षक (HC) 534 मानव सोनकर, थाना गैंदाटोला |
| 8 | साथी पुलिस टीम | आरक्षक 1990 नरेश प्रधान, आरक्षक 1976 अमर कंवर |
| 9 | प्रयुक्त वाहन (पुलिस) | शासकीय मोटर सायकल CG03A0861 एवं निजी वाहन CG08AQ1906 |
| 10 | मुख्य आरोपी 01 | लिकेश कुमार देहारी पिता विश्वनाथ देहारी (उम्र 19 वर्ष), ग्राम सीताकसा |
| 11 | सह-आरोपी 02 | यश कुमार साहू पिता स्व. कृतकुमार साहू (उम्र 21 वर्ष), ग्राम सीताकसा |
| 12 | जब्त सामग्री (शराब) | 21 नग पौवा 'शोले' प्लेन देशी शराब (180 ml प्रति पौवा, कुल 3.780 लीटर, मूल्य ₹1680/-) |
| 13 | जब्त नगद राशि | ₹250/- (शराब बिक्री की रकम) |
| 14 | अन्य जप्त सामान | 2 नग पीले रंग के प्लास्टिक थैले (जिस पर 'Nestle' लिखा है) |
| 15 | पंच / गवाह 01 | शेरसिंह राजपूत पिता स्व. गिरधारी राजपूत (उम्र 25 वर्ष), गैंदाटोला |
| 16 | पंच / गवाह 02 | राहुल यादव पिता राजाराम यादव (उम्र 26 वर्ष), गैंदाटोला |
| 17 | कानूनी स्थिति (Status) | अपराध दर्ज, जब्ती पूर्ण, आरोपी मुचलके पर रिहा, चालान न्यायालय हेतु तैयार |
राजनांदगांव जिले में अवैध शराब का बढ़ता नेटवर्क और सामाजिक चुनौतियां
राजनांदगांव जिला छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख व्यापारिक और कृषि प्रधान जिला है। हालांकि, ग्रामीण अंचलों में अवैध शराब की बिक्री एक बड़ी सामाजिक और प्रशासनिक चुनौती बनकर उभरी है। विशेषकर धान मिलों (राईस मिलों), ईंट भट्ठों, ढाबों और सुनसान ग्रामीण तिराहों के आसपास अवैध शराब की अवैध रीटेलिंग की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं।
अवैध शराब कारोबारी अक्सर कम उम्र के युवाओं को चंद पैसों का लालच देकर इस धंधे में ढकेल देते हैं। इस मामले में भी देखा जा सकता है कि पकड़े गए दोनों आरोपियों की उम्र महज 19 वर्ष और 21 वर्ष है। इतनी कम उम्र में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होना चिंताजनक पहलू है।
स्थानीय समाजशास्त्रियों और समाज सुधारकों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की अवैध उपलब्धता से घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाएं और अपराधों की संख्या में इजाफा होता है। यही कारण है कि ग्रामीण महिलाएं और ग्राम पंचायतें लगातार पुलिस प्रशासन से अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने की मांग करती रही हैं।
गैंदाटोला पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
ग्राम जंगलपुर राईस मिल के सामने की गई इस सफल कार्रवाई की स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सराहना की है। गैंदाटोला थाना प्रभारी और उनकी टीम ने जिस तरह से मुखबीर की सूचना पर त्वरित रिस्पांस दिया और बिना किसी देरी के रेड मारकर आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा, उससे पुलिस के प्रति आम जनता का विश्वास मजबूत हुआ है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण इलाकों में किसी भी सूरत में अवैध शराब का नेटवर्क नहीं पनपने दिया जाएगा। थाना गैंदाटोला द्वारा लगातार गश्त बढ़ाई जा रही है और ऐसे सभी संदिग्ध स्थलों की सूची तैयार की जा रही है जहां अवैध शराब के संग्रहण या बिक्री की आशंका रहती है।
अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ राजनांदगांव पुलिस की सख्त चेतावनी
राजनांदगांव पुलिस प्रशासन ने जिले के सभी थाना क्षेत्रों में अवैध मदिरा का क्रय-विक्रय, भंडारण, परिवहन और कोचियागिरी करने वाले असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी जारी की है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि:
- अवैध शराब के कारोबार में लिप्त पाए जाने पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के साथ-साथ कठोर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्यवाही की जाएगी।
- यदि कोई व्यक्ति बार-बार इस अपराध में संलिप्त पाया जाता है, तो उसकी संपत्ति की जांच और जिला बदर जैसी कड़ी कानूनी धाराओं के तहत भी कदम उठाए जाएंगे।
- अवैध शराब परिवहन में प्रयुक्त दोपहिया और चारपहिया वाहनों को राजसात (जब्त) करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- नाबालिगों या युवाओं को इस धंधे में धकेलने वाले मुख्य तस्करों और सरगनाओं की पहचान कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
आम नागरिकों के लिए पुलिस अपील और सूचना हेल्पलाइन
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों, युवाओं और विशेषकर ग्रामीण महिलाओं से अपील की है कि वे अपने गांव और समाज को नशा मुक्त बनाने में पुलिस का सहयोग करें। यदि उनके आसपास या गांव में कोई व्यक्ति अवैध शराब बेचता है या उसका भंडारण करता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सूचना देने के लिए नागरिक निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
- नजदीकी पुलिस थाना:अपने निकटतम थाने (जैसे थाना गैंदाटोला) में जाकर सीधे थाना प्रभारी या ड्यूटी अधिकारी को सूचित करें।
- पुलिस कंट्रोल रूम:राजनांदगांव पुलिस कंट्रोल रूम के आधिकारिक नंबरों पर कॉल करके जानकारी दें।
- गोपनीय मुखबीर योजना:सूचना देने वाले नागरिक का नाम, पता और मोबाइल नंबर पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
संक्षिप्त निष्कर्ष (Conclusion)
थाना गैंदाटोला पुलिस द्वारा ग्राम जंगलपुर राईस मिल के सामने की गई यह रेड कार्रवाई आबकारी कानून के सख्त अनुपालन का बेहतरीन उदाहरण है। प्रधान आरक्षक 534 मानव सोनकर और उनकी टीम ने न केवल 21 पौवा अवैध देशी शराब जप्त की बल्कि विधिक प्रक्रियाओं जैसे BNSS की धारा 179, 94 तथा 173 का शत-प्रतिशत पालन करते हुए मामले में पारदर्शिता बनाए रखी। 19 वर्षीय लिकेश देहारी और 21 वर्षीय यश कुमार साहू की गिरफ्तारी से इलाके के अन्य अवैध कोचियों में सख्त संदेश गया है। पुलिस की इस मुस्तैदी से न केवल अपराधों पर अंकुश लगेगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा का माहौल भी सुदृढ़ होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्रश्न 1: राजनांदगांव के गैंदाटोला में किस स्थान पर अवैध शराब की रेड पड़ी?
उत्तर: यह रेड कार्रवाई थाना गैंदाटोला से 6 किमी उत्तर दिशा में स्थित ग्राम जंगलपुर राईस मिल के ठीक सामने मुख्य मार्ग पर की गई।
प्रश्न 2: पुलिस रेड में किन-किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
उत्तर: पुलिस ने ग्राम सीताकसा निवासी दो आरोपियों—लिकेश कुमार देहारी (पिता विश्वनाथ देहारी, उम्र 19 वर्ष) एवं यश कुमार साहू (पिता स्व. कृतकुमार साहू, उम्र 21 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
प्रश्न 3: आरोपियों के कब्जे से कुल कितनी मात्रा में शराब और नगदी बरामद हुई?
उत्तर: आरोपियों के कब्जे से 21 नग पौवा (180 ml प्रति बोतल, कुल 3.780 बल्क लीटर) 'शोले' प्लेन देशी शराब (कीमत ₹1680/-) और बिक्री की नगद राशि ₹250/- तथा 2 प्लास्टिक थैले जप्त किए गए।
प्रश्न 4: इस मामले में पुलिस ने किन कानूनी धाराओं के तहत FIR दर्ज की है?
उत्तर: मामले में छत्तीसगढ़ आबकारी (संशोधन) अधिनियम 2002 की धारा 34(1)(ख) तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS) की धारा 173 के तहत FIR No. 0058/2026 पंजीबद्ध किया गया है।
प्रश्न 5: क्या आरोपी जेल गए या उन्हें जमानत मिली?
उत्तर: जप्त शराब की मात्रा (50 लीटर से कम) होने के कारण आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(ख) जमानतीय अपराध की श्रेणी में आती है। अतः दोनों आरोपियों को सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने पर पुलिस स्तर से मुचलके पर रिहा किया गया।
प्रश्न 6: इस कार्रवाई में किन पुलिस अधिकारियों और गवाहों की मुख्य भूमिका रही?
उत्तर: कार्रवाई का नेतृत्व प्रधान आरक्षक 534 मानव सोनकर ने किया, जिनके साथ आरक्षक 1990 नरेश प्रधान और आरक्षक 1976 अमर कंवर शामिल थे। निष्पक्ष कार्रवाई हेतु गैंदाटोला निवासी शेरसिंह राजपूत और राहुल यादव को स्वतंत्र गवाह बनाया गया।
