कल्लूटोला जमीन विवाद : स्थानीय प्रशासन से निराश ग्रामीण पहुंचे दुर्ग कमिश्नर के पास, कोटवार की शिकायत कर सौंपा ज्ञापन

छुरिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कल्लूटोला का बहुचर्चित 9 एकड़ चारागाह भूमि विवाद अब स्थानीय प्रशासन के हाथ से निकलकर संभाग स्तर पर पहुंच गया है। गांव के कोटवार द्वारा धोखे से सरकारी जमीन हथियाने और गांव की पंचायत का फैसला न मानने से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब न्याय के लिए सीधे दुर्ग का रुख किया है। स्थानीय स्तर पर कई दिनों से चल रही खींचतान और तहसील कार्यालय से कोई ठोस त्वरित कार्रवाई न होने के बाद, कल्लूटोला के सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर दुर्ग पहुंचकर संभागीय आयुक्त (कमिश्नर) के समक्ष अपनी न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों के इस कड़े कदम से राजनांदगांव के स्थानीय राजस्व और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अब इस मामले की गूंज सीधे संभाग के सबसे बड़े कार्यालय तक पहुंच गई है।

गौरतलब है कि ग्राम कल्लूटोला के कोटवार पर यह गंभीर आरोप है कि उसने ग्रामीणों को अंधेरे में रखकर मवेशियों के चरने के लिए आरक्षित लगभग 9 एकड़ शासकीय चारागाह भूमि को पूरी तरह से अवैध तरीके से अपने नाम करवा लिया है। जब इस फर्जीवाड़े की भनक गांव वालों को लगी, तो उन्होंने गांव में एक अहम सामूहिक बैठक बुलाई थी। उस बैठक में कोटवार ने न केवल अपनी गलती मानने से साफ इंकार कर दिया था, बल्कि पंच-पटेलों और ग्रामीणों का सर्वसम्मत फैसला मानने से भी गुरेज किया। उस अड़ियल रवैये का वीडियो भी सामने आया था, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की तरफ से कोटवार के खिलाफ कोई सख्त और निर्णायक जमीनी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते ग्रामीणों का धैर्य अंततः जवाब दे गया और उन्हें यह बड़ा कदम उठाना पड़ा।

स्थानीय प्रशासन की लेटलतीफी और कोटवार की बढ़ती दबंगई से तंग आकर कल्लूटोला के ग्रामीणों ने दुर्ग संभागायुक्त कार्यालय पहुंचकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर से सीधी मुलाकात कर उन्हें पूरे मामले की शुरुआत से लेकर अब तक की विस्तार से जानकारी दी और एक विस्तृत लिखित ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान ग्रामीणों ने कोटवार की मनमानी और गांव की बैठक में किए गए हंगामे के पुख्ता सबूत भी उच्चाधिकारियों के सामने पेश किए। ग्रामीणों ने संभागायुक्त से पुरजोर मांग की है कि कोटवार के पक्ष में किए गए उस फर्जी जमीन नामांतरण को तत्काल प्रभाव से शून्य (रद्द) किया जाए और अपने पद का दुरुपयोग कर सार्वजनिक संपत्ति हड़पने वाले कोटवार के खिलाफ कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

संभाग के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी के दरबार में मामला पहुंचने के बाद अब कल्लूटोला के इस जमीन विवाद में एक बड़े और सख्त एक्शन की उम्मीद जग गई है। संभागायुक्त कार्यालय द्वारा ग्रामीणों की इस गंभीर शिकायत को संज्ञान में लिए जाने के बाद यह तय माना जा रहा है कि राजनांदगांव जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कमिश्नर कार्यालय से भी उन्हें न्याय मिलने में देरी हुई और चारागाह की जमीन गांव को वापस नहीं लौटाई गई, तो आने वाले दिनों में पूरा गांव सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दुर्ग कमिश्नर के दखल के बाद राजस्व विभाग इस मामले में कितनी जल्दी एक्शन लेता है और कोटवार पर क्या गाज गिरती है।

Previous Post Next Post

Contact Form