डोंगरगढ़ : एक सुनसान नाले किनारे बनी बाड़ी में कुछ ऐसा 'काला खेल' पक रहा था, जिसे देखकर आबकारी विभाग के घोड़ों की भी उल्टी फटी की फटी रह गई। मध्य प्रदेश की शराब और उस पर रातों-रात छत्तीसगढ़ का लेबल चिपकाकर अमीर बनने का यह 'कॉकटेल' माफियाओं को बहुत भारी पड़ गया। राजनांदगांव न्यूज़ (Rajnandgaon News) की इस सबसे रोमांचक और बड़ी खबर में आज हम आपको बताएंगे कि कैसे शराब के इस शातिर सिंडिकेट पर कलेक्टर जितेन्द्र यादव (Collectorjeetendra Yadav) का हंटर चला है। जिले में दो नंबर के धंधेबाजों और माफियाओं के खिलाफ कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने जिस तरह से जीरो टॉलरेंस का मोर्चा खोल रखा है, उसके खतरे से अब ये तस्कर अपना बोरिया-बिस्तर समेटने को मजबूर हो गए हैं। इस बड़ी और ताबड़तोड़ कार्रवाई में आबकारी टीम ने 243 लीटर विदेशी शराब के साथ जो जखीरा पकड़ा है, वह किसी सस्पेंस फिल्म के सीन से कम नहीं लगता।
यह पूरा सनसनीखेज मामला तब सामने आया जब आबकारी विभाग को इस अवैध फैक्ट्री की एक पक्की और गुप्त सूचना मिली। बिना समय गंवाए और सर्च वारंटियों की कागजी औपचारिकता में उलझे बिना, टीम ने सीधे मुसराकला निवासी भिखारी निषाद के उस मकान पर धवा बोल दिया, जो ग्राम कातलवाही में नाले के किनारे बिल्कुल एकांत में बना हुआ था। राजनांदगांव न्यूज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार, इस बाड़ी के अंदर मनो अवैध शराब की बॉटलिंग का एक पूरा सेटअप चल रहा था। टीम ने जब अंदर कदम रखा, तो वहां 264 बोतल 'बॉम्बे व्हिस्की' और 250 पाव 'गोवा व्हिस्की' का ढेर लगा हुआ था, जो कुल मिलाकर 243 लीटर होता है। लेकिन असली झोल तो बोतलों के ढक्कन और लेबल में था। माफिया इतने शातिर थे कि वे एमपी की शराब को खपाने के लिए वहां मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लेबल वाले हजारों ढक्कन और खाली बोतलों का स्टॉक जमा कर रखा था। मौके से एमपी मार्का 200 खाली ढक्कन, 220 फ्रूट ढक्कन और छत्तीसगढ़ का लेबल लगे 715 साबुत नए ढक्कन पकड़े गए, जो चीख-चीख कर गवाही दे रहे थे कि यहां ब्रांड बदलने का कितना बड़ा खेल चल रहा था।
छापेमारी की इस अफरा-तफरी और पुलिस को सामने देख एक शातिर खिलाड़ी मकान से रफूचक्कर होने में कामयाब हो गया। दौड़ने वाले इस आरोपी की पहचान ग्राम छीपा निवासी चंद्रकांत सेन असल सोनू के रूप में हुई है। लेकिन कलेक्टर जितेन्द्र यादव (कलेक्टर जितेंद्र यादव) की इस सख्त निगरानी के बाद इन एजेंसियों का गिरफ्तारी अब नामुमकिन है। पुलिस और आबकारी की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की सख्त धाराओं के तहत गैरजमानतीय अपराध दर्ज कर लिया है और गिरफ्तारी आरोपी की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। इस शानदार रेड को सफल बनाने में आबकारी उप निरीक्षक श्री अनिल सिंह, श्री दिलीप प्रजापति, मुख्य आरक्षक श्री लाल सिंह राजपूत और श्री ओमप्रकाश सिन्हा की मुस्तैदी काबिले कामयाब रही। अगर आप लगातार राजनांदगांव न्यूज़ (राजनांदगांव न्यूज़) हैं, तो आप अच्छे से जानते होंगे कि जब से कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने जिले की कमान संभाली है, तब से ऐसे अवैध शराब माफियाओं की शामत आ गई है। यह कार्रवाई उन तमाम तस्करों के लिए एक खुली चेतावनी है कि राजनांदगांव में अब गलत काम करने वालों का असली ठिकाना सिर्फ और सिर्फ गलियों के पीछे होगा।
